विकसित भारत @2047: उन्नत अभियांत्रिकी, नवाचार एवं सतत प्रौद्योगिकियाँ
विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण में नवाचार और प्रौद्योगिकी के योगदान पर चर्चा करने के लिए वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शोधकर्ताओं, नीति विशेषज्ञों और उद्योग पेशेवरों को एक साथ लाना।
सीएसआईआर-संरचनात्मक अभियांत्रिकी अनुसंधान केंद्र, वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद,भारत की एक राष्ट्रीय प्रयोगशाला है, जिसकी स्थापना वर्ष 1965 में हुई थी। यह संरचनात्मक अभियाभरिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, अभिकल्प, विश्लेषण तथा परीक्षण हेतु अत्याधुनिक सुविधावों से सुसज्जित एक अग्रणी अनुसंधान संस्थान है।केंद्र राज्य सरकारों, सार्वजनिक उपक्रमों तथा निजी संस्थानों को परामर्श, प्रमाण-परीक्षण एवं डिज़ाइन-सत्यापन सेवाएँ प्रदान करता है।
वैज्ञानिक अनुसंधान को हिन्दी में प्रोत्साहित करना नवाचार एवं प्रौद्योगिकी पर विचार-विमर्श कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं और डिजिटल तकनीकों की भूमिका विकसित भारत हेतु तकनीकी समाधान समाज, नीति एवं जागरूकता में समन्वय
भाषाई समुदायों में समावेशी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए, हिंदी में तकनीकी संचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।
भारत के तकनीकी भविष्य पर चर्चा को आकार देने वाले पांच प्रमुख विषयों का अन्वेषण करें।
अगली पीढ़ी की संरचनात्मक अभियन्त्री, स्मार्ट बुनियादी ढांचा, एरोस्पेस प्रौद्योगिकी और रणनीतिक रक्षा प्रणाली
उन्नत पदार्थ विज्ञान, बहुलक प्रौद्योगिकी, हरित रसायन, नानोपदार्थ और टिकाऊ विनिर्माण के लिए औद्योगिक प्रक्रियाएं
नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन अर्थव्यवस्था, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड और हरित ऊर्जा भविष्य के लिए कार्बन-तटस्थ प्रौद्योगिकियाँ
जलवायु-सहनशील कृषि, सटीक खेती, जैव उर्वरक, खाद्य सुरक्षा और किसानों की कल्याण के लिए पौष्टिक जैव प्रौद्योगिकी
आपदा प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी, भूगणन प्रौद्योगिकियाँ, सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र
जमा पॉर्टल के माध्यम से अंतिम तिथि तक अपना शोध सारांश जमा करें
प्रदान किए गए टेम्पलेट के अनुसार रूपित पूर्ण पेपर जमा करें
CSIR-SERC, चेन्नई में व्याख्यान, प्रस्तुतियों, चर्चाओं और प्रयोगशाला भ्रमण के दो दिन
सीएसआईआर पररसर, तरमणी, चेन्नै- 600113